ये दौलत भी ले लो, ये शोहरत भी ले लो
भले छीन लो मुझसे मेरी जवानी
मगर मुझको लौटा दो बचपन का सावन
वो काग़ज़ की कश्ती, वो बारिश का पानी
वो काग़ज़ की कश्ती, वो बारिश का पानी
वो काग़ज़ की कश्ती, वो बारिश का पानी
मुहल्ले की सबसे पुरानी निशानी
वो बुढ़िया जिसे बच्चे कहते थे नानी
वो नानी की बातों में परियों का डेरा
वो चहरे की झुरिर्यों में सदियों का फेरा
भुलाए नहीं भूल सकता है कोई
वो छोटी सी रातें, वो लंबी कहानी
वो छोटी सी रातें, वो लंबी कहानी
वो छोटी सी रातें, वो लंबी कहानी
कभी रेत के ऊँचे टीलों पे जाना
घरोंदे बनाना बना के मिटाना
वो मासूम चाहत की तस्वीर अपनी
वो ख़्वाबों खिलौनों की जागीर अपनी
न दुनिया का ग़म था, न रिश्तों के बंधन
बड़ी खूबसूरत थी वो ज़िंदगानी
बड़ी खूबसूरत थी वो ज़िंदगानी
ये दौलत भी ले लो, ये शोहरत भी ले लो
भले छीन लो मुझसे मेरी जवानी
मगर मुझको लौटा दो बचपन का सावन
वो कागज़ की कश्ती, वो बारिश का पानी
वो कागज़ की कश्ती, वो बारिश का पानी
वो कागज़ की कश्ती, वो बारिश का पानी