जय नारायण
स्वामी नारायण
जय नारायण
देव, सत्य, अहिंसा
प्रेम और करुणा का ही पाठ पढ़ेगा
जिसके गुरु है परम सत्य श्री हरी
प्रतक्ष्य प्रणाम पाकर भी
श्री हरी में विश्वास न करें
श्री हरी से प्रेम न करें
ये जीव का दुर्भाग्य ही है
भगवान् तभी बसते हैं
जब हृदय निर्मल होता है
हृदय हरी के भजन कीर्तन से निर्मल होता है
हम हरी भजन करेंगे
हरी कीर्तन करेंगे
जय जय नारायण नारायण, हरी-हरी
(जय जय नारायण नारायण, हरी-हरी)
स्वामी नारायण नारायण, हरी-हरी
(स्वामी नारायण नारायण, हरी-हरी)
तेरी लीला सबसे न्यारी-न्यारी, हरी-हरी
तेरी लीला सबसे न्यारी-न्यारी, हरी-हरी
तेरी महिमा
तेरी महिमा
तेरी महिमा पर्भु है, प्यारी-प्यारी, हरी-हरी
(जय जय नारायण नारायण, हरी-हरी)
(स्वामी नारायण नारायण, हरी-हरी)
अलख निरंजन भव भय भंजन
जन मन रंजन दाता
(जन मन रंजन दाता)
हमें शरण दे अपने चरण में
कर निर्भय जग दाता
(कर निर्भय जग दाता)
तूने लाखों की नैया तारी-तारी, हरी-हरी
(जय जय नारायण नारायण, हरी-हरी)
(स्वामी नारायण नारायण, हरी-हरी)
प्रभु के नाम का पारस जो छू ले
वो हो जाए सोना
(वो हो जाए सोना)
दो अक्षर का शब्द हरी है
लेकिन बड़ा सलोना
(लेकिन बड़ा सलोना)
उसने संकट टाले भारी-भारी, हरी-हरी
(जय जय नारायण नारायण, हरी-हरी)
(स्वामी नारायण नारायण, हरी-हरी)
तेरी लीला सबसे न्यारी-न्यारी, हरी-हरी
(तेरी लीला सबसे न्यारी-न्यारी, हरी-हरी)
तेरी महिमा पर्भु है, प्यारी-प्यारी, हरी-हरी
(जय जय नारायण नारायण, हरी-हरी)
(स्वामी नारायण नारायण, हरी-हरी)
(जय जय नारायण नारायण, हरी-हरी)
(स्वामी नारायण नारायण, हरी-हरी)