देर से आए
देर से जाए
छाए बन के सरूर
लाख मनाओ
पास ना आए
इश्क़ है यारा फितूर
देर से आए
देर से जाए
छाए बन के सरूर
लाख मनाओ पास ना आए, इश्क़ है यारा फितूर
देर से आए देर से जाए, चाहाए बन के सरूर
चाँदनी रातें पास बुलायें याद करे कोई दूर
तुजको
किसका दिल किस दिल से, मिल जाएगा क्या पता कैसे
होगा वो दिल में जो, खुल जाए बंद आरज़ू
तू ये जाने या ना जाने
हमको पता है हुजूर
तू ये जाने या ना जाने
हमको पता है हुजूर
होगा नज़ारा चाँद किनारे रात कहे है ज़रूर
मरजा ना मरजा ना
मेरी जान
मुझ में समाए मुझ को चुराए
किस का है ये कसूर
देर से आए देर से जाए, चाहाए बन के सरूर
लाख मनाओ पास ना आए, इश्क़ है यारा फितूर
मरजा
मरजा